Wednesday , September 30 2020

Umar Shayari

Umar Shayari

 

Umar Shayari ( उम्र-शायरी ) – उम्र जन्म के साथ ही घटना शुरू हो जाता है और हम कहते है कि बड़े हो रहे हैं। जब हम छोटे होते है तो सोचते है कब बड़े होंगे। जब बड़े हो जाते है तो सोचते है काश फिर से बच्चा बन जाते। उम्र के अंतिम पड़ाव बुढ़ापे से हर कोई दूर रहना चाहता है।

उम्र बढ़ती है बच्चे से जवान होते हैं। जिम्मेदारियाँ बढ़ने लगती है और ख़ुद को परेशान पाते हैं। उम्र बढ़ने का साथ साथ तजुर्बा भी बढ़ने लगता हैं। जिंदगी और दुनिया की हकीकत समझ में आने लगती हैं। जवानी में बचपन की बातें और बुढ़ापे में जवानी की बातें अक्सर याद आती हैं। कुछ लम्हें ऐसे भी होते हैं जो आँखें नम कर जाती हैं। “उम्र” पर शायरों के अल्फ़ाज़

 

Sath Manzil Thi Magar Khauf-O-Khatar Aisa Tha..

Sath Manzil Thi Magar Khauf-O-Khatar Aisa Tha.. Rahat Indori Shayari ! Sath manzil thi magar khauf-o-khatar aisa tha, Umar bhar chalte rahe log safar aisa tha. Jab wo aaye to main khush bhi hua sharminda bhi, Meri taqdir thi aisi mera ghar aisa tha. Hifz thi mujh ko bhi chehron …

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2020 Happy Valentine’s Day Shayari In Hindi

Dil ke rishton ka koi naam nahi hota Maana ki eska koyi anjam nahi hota Agar chahat ho dono taraf to Umar Bhar ka rishta nakaam nahi hota !! दिल के रिश्तों का कोई नाम नहीं होता माना की इसका कोई अंजाम नहीं होता अगर चाहत हो दोनों तरफ तो …

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