Tuesday , August 3 2021

Intezaar Poetry

Intezaar Poetry Shayari Status Quotes Image

 

Intezaar Poetry ( इंतज़ार पोएट्री ) – इंतज़ार ख़ास अर्थों में दर्दनाक होता है । एक शायरी में ये इंतज़ार के लम्हें बड़े अजीब होते हैं, सीने की जगह आँखों में दिल धड़कते हैं । जब इंतज़ार अपने प्यार का हो, जिसपे अपनी सारी उम्र की खुशियाँ लुटा देने का मन हो, सच वो प्यार जब रूठ जाता हैं दूर चला जाता हैं, तब उस दर्द को सहना मुश्किल हो जाता हैं और उसके इंतज़ार में फिर से लौट के आने की उम्मीद में रहता हैं ।

 

पेश हैं “इंतज़ार ” पर ये चुनिंदा शेर…

 

Munawwar Rana “Maa” Part 4

1. Mera bachpan tha mera ghar tha khilaune the mere, Sar pe Maa-Baap ka saaya bhi ghazal jaisa tha. मेरा बचपन था मेरा घर था खिलौने थे मेरे, सर पे माँ-बाप का साया भी ग़ज़ल जैसा था ! 2. Mukaddas muskurahat Maa ke honthon par larzati hai, Kisi bacche ka …

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Famous Two Line Poetry Of Aziz Lakhnavi

Famous Two Line Poetry Of Aziz Lakhnavi Paida wo baat kar ki tujhe roye dusare, Rona khud ye apne haal pe ye zaar zaar kya. पैदा वो बात कर कि तुझे रोएँ दूसरे, रोना खुद अपने हाल पे ये जार जार क्या ! Tumne cheda to kuchh khule hum bhi, …

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