Monday , September 28 2020

Akbar Allahabadi Two Line Shayari In Hindi

Akbar Allahabadi Two Line Shayari In Hindi

Akbar Allahabadi Two Line Shayari In Hindi

अकबर इलाहाबादी की मशहूर शायरियां हिंदी में : –

अकबर इलाहाबादी मिलनसार इंसान थे उनके द्वारा लिखी हास्य रचना हास्य शायरी अपने आप में बेमिशाल हैं उन्हें कविताओं से भी लगाव था, वो चाहे ग़ज़ल हो या नज़्म हो या फिर शायरी की कोई भी विधा हो, अकबर इलाहाबादी का अपना ही एक अलग अन्दाज़ था। उर्दू में हास्य-व्यंग और मोहब्बत के लाज़वाब शायर थे और पेशे से इलाहाबाद में सेशन जज थे। अकबर इलाहाबादी का जन्म 1846 में इलाहाबाद के निकट बारा में हुआ था।

 

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पेश है अकबर इलाहाबादी द्वारा लिखी गयी कुछ मशहूर शायरी जो दिल को छू ले

 

Akbar Allahabadi Two Line Shayari In Hindi

Aayi hogi kisi ko hijr mein maut,
Mujh ko to nind bhi nahi aati.

आई होगी किसी को हिज्र में मौत,
मुझ को तो नींद भी नहीं आती !

 

Aah jo dil se nikali jayegi,
Kya samjhte ho ki khali jayegi.

आह जो दिल से निकाली जाएगी,
क्या समझते हो कि ख़ाली जाएगी !

 

Aashiqi ka ho bura us ne bigade sare kaam,
Hum to AB mein rahe ageyaar B.A. ho gaye.

आशिक़ी का हो बुरा उस ने बिगाड़े सारे काम,
हम तो ए.बी में रहे अग़्यार बी.ए हो गए !

 

Ab to hai ishq -e-butaa mein zindgaani ka maza,
Jab khuda ka samna hoga to dekha jayega.

अब तो है इश्क़-ए-बुताँ में ज़िंदगानी का मज़ा,
जब ख़ुदा का सामना होगा तो देखा जाएगा !

 

Akbar dabe nahi kisi sulatan ki fauj se,
Lekin shaheed ho gaye biwi ki nouj se.

अकबर दबे नहीं किसी सुल्ताँ की फ़ौज से,
लेकिन शहीद हो गए बीवी की नौज से !

 

Akal mein jo ghir gaya la-intiha kyukar hua,
Jo samaa mein aa gaya phir wo khuda kyukar hua.

अक़्ल में जो घिर गया ला-इंतिहा क्यूँकर हुआ,
जो समा में आ गया फिर वो ख़ुदा क्यूँकर हुआ !

 

Asar ye tere anfaas-e-masihai ka hai “Akbar”,
Allahabad se langda chala Lahore tak pahuncha.

असर ये तेरे अन्फ़ास-ए-मसीहाई का है “अकबर”,
इलाहाबाद से लंगड़ा चला लाहौर तक पहुँचा !

 

B.A. bhi paas hon mile B-B bhi dil-pasand,
Mehnat ki hai wo baat ye kismat ki baat hai.

बी.ए भी पास हों मिले बी-बी भी दिल-पसंद,
मेहनत की है वो बात ये क़िस्मत की बात है !

 

Bas jaan gaya main teri pahchan yahi hai,
Tu dil mein to aata hai samjh mein nahi aata.

बस जान गया मैं तिरी पहचान यही है,
तू दिल में तो आता है समझ में नहीं आता !

 

Bataun aap ko marne ke baad kya hoga,
Polaao khayenge ahbab fatiha hoga.

बताऊँ आप को मरने के बाद क्या होगा,
पोलाओ खाएँगे अहबाब फ़ातिहा होगा !

 

अकबर इलाहाबादी की मशहूर शायरियां हिंदी में

Bole ki tujh ko deen ki islaah farz hai,
Main chal diya ye kah ke ki aadab arz hai.

बोले कि तुझ को दीन की इस्लाह फ़र्ज़ है,
मैं चल दिया ये कह के कि आदाब अर्ज़ है !

 

But-kade mein shor hai “Akbar” musalman ho gaya,
Be-wafaon se koi kah de ki han han ho gaya.

बुत-कदे में शोर है ‘अकबर’ मुसलमाँ हो गया,
बे-वफ़ाओं से कोई कह दे कि हाँ हाँ हो गया !

 

Budhon ke saath log kanha tak wafa karein,
Budhon ko bhi jo maut na aaye to kya karein.

बूढ़ों के साथ लोग कहाँ तक वफ़ा करें,
बूढ़ों को भी जो मौत न आए तो क्या करें !

 

Coat aur patlun jo pahna to mister ban gaya,
Jab koi taqrir ki jalse mein leeder ban gaya.

कोट और पतलून जब पहना तो मिस्टर बन गया,
जब कोई तक़रीर की जलसे में लीडर बन गया !

 

Dam labon par tha dil-e-jar ke ghabrane se,
Aa gayi jaan mein jaan aap ke aa jane se.

दम लबों पर था दिल-ए-ज़ार के घबराने से,
आ गई जान में जान आप के आ जाने से !

 

Dil wo hai ki fariyaad se labrez hai har waqt,
Hum wo hain ki munh se nikalne nahi dete.

दिल वो है कि फ़रियाद से लबरेज़ है हर वक़्त,
हम वो हैं कि कुछ मुँह से निकलने नहीं देते !

 

Duniya mein hun duniya ka talabgaar nahi hun,
Bazaar se guzra hun kharidar nahi hun.

दुनिया में हूँ दुनिया का तलबगार नहीं हूँ,
बाज़ार से गुज़रा हूँ ख़रीदार नहीं हूँ !

 

Ek Qafir par tabiat aa gayi,
Paarsai par bhi aafat aa gayi.

एक काफ़िर पर तबीअत आ गई,
पारसाई पर भी आफ़त आ गई !

 

Falsafi ko behask ke andar khuda milta nahi,
Dor ko suljha raha hai aur sira milta nahi.

फ़लसफ़ी को बहस के अंदर ख़ुदा मिलता नहीं,
डोर को सुलझा रहा है और सिरा मिलता नहीं !

 

Ghamza nahi hota ki ishaara nahi hota,
Aankh un se jo milti hai to kya kya nahi hota.

ग़म्ज़ा नहीं होता कि इशारा नहीं होता,
आँख उन से जो मिलती है तो क्या क्या नहीं होता !

 

Akbar Allahabadi Two Line Shayari In Hindi

Gajab hai wo ziddi bade ho gaye,
Main leta to uth ke khade ho gaye.

ग़ज़ब है वो ज़िद्दी बड़े हो गए,
मैं लेटा तो उठ के खड़े हो गए !

 

Hangama hai kyun barpa thodi si jo pee li hai,
Daaka to nahi mara chori to nahi ki hai.

हंगामा है क्यूँ बरपा थोड़ी सी जो पी ली है,
डाका तो नहीं मारा चोरी तो नहीं की है !

 

Hum aah bhi karte hain to ho jate hai badnaam,
Wo qatl bhi karte hain to charcha nahi hota.

हम आह भी करते हैं तो हो जाते हैं बदनाम,
वो क़त्ल भी करते हैं तो चर्चा नहीं होता !

 

Hum kya kahein ahbaab kya car-e-numayan kar gaye,
B.A. huye nokar huye penshan mili phir mar gaye.

हम क्या कहें अहबाब क्या कार-ए-नुमायाँ कर गए,
बी-ए हुए नौकर हुए पेंशन मिली फिर मर गए !

 

Har zarra chamkta hai anwar-e-ilaahi se,
Har saans ye kahti hai hum hain to khuda bhi hai.

हर ज़र्रा चमकता है अनवार-ए-इलाही से,
हर साँस ये कहती है हम हैं तो ख़ुदा भी है !

 

Haya se sar jhuka lena ada se muskura dena,
Hasinon ko bhi kitana sahal hai bijali gira dena.

हया से सर झुका लेना अदा से मुस्कुरा देना,
हसीनों को भी कितना सहल है बिजली गिरा देना !

 

Illahi kaisi kaisi suratein tu ne banai hain,
Ki har surat kaleje se laga lene ke qabil hai.

इलाही कैसी कैसी सूरतें तू ने बनाई हैं,
कि हर सूरत कलेजे से लगा लेने के क़ाबिल है !

 

Is gulistan mein bahut kaliyan mujhe tadpa gayi,
Kyun lagi thi shaakh mein kyun be-khile murjha gayi.

इस गुलिस्ताँ में बहुत कलियाँ मुझे तड़पा गईं,
क्यूँ लगी थीं शाख़ में क्यूँ बे-खिले मुरझा गईं !

 

Ishq ke izhaar mein har-chand ruswai to hai,
Par karun kya ab tabiyat aap par aayi to hai.

इश्क़ के इज़हार में हर-चंद रुस्वाई तो है,
पर करूँ क्या अब तबीअत आप पर आई तो है !

 

Ishq nazuk-mizaj hai behad,
Aqal ka bojh utha nahi sakta.

इश्क़ नाज़ुक-मिज़ाज है बेहद,
अक़्ल का बोझ उठा नहीं सकता !

 

अकबर इलाहाबादी की मशहूर शायरियां हिंदी में

Jab gham hua chadha lin do botalen ikathi,
Mullah ki doad masjid “Akbar” ki doad bhathee.

जब ग़म हुआ चढ़ा लीं दो बोतलें इकट्ठी,
मुल्ला की दौड़ मस्जिद “अकबर” की दौड़ भट्टी !

 

Jab main kahta hun ki ya allah mera haal dekh,
Huqam hota hai ki apna nama-e-aamaal dekh.

जब मैं कहता हूँ कि या अल्लाह मेरा हाल देख,
हुक्म होता है कि अपना नामा-ए-आमाल देख !

 

Jawani ki hai aamad sharm se jhuk sakti hai aankhein,
Magar sine ka fitna ruk nahi sakta ubharne se.

जवानी की है आमद शर्म से झुक सकती हैं आँखें,
मगर सीने का फ़ित्ना रुक नहीं सकता उभरने से !

 

Jis tarf uth gayi hain aanhein hain,
Chashm-e-bad-dur kya nigahein hain.

जिस तरफ़ उठ गई हैं आहें हैं,
चश्म-ए-बद-दूर क्या निगाहें हैं !

 

Jo kaha main ne ki pyar aata hai mujh ko tum par,
Hans ke kahane laga aur aap ko aata kya hai.

जो कहा मैं ने कि प्यार आता है मुझ को तुम पर,
हँस के कहने लगा और आप को आता क्या है !

 

Khincho na kamanon ko na talwar nikalo,
Jab top muqabil ho to akhbar nikalo.

खींचो न कमानों को न तलवार निकालो,
जब तोप मुक़ाबिल हो तो अख़बार निकालो !

 

Khuda se mang jo kuch mangna hai aye “Akbar”,
Yahi wo dar hai ki jillat nahi sawal ke baad.

ख़ुदा से माँग जो कुछ माँगना है ऐ “अकबर”,
यही वो दर है कि ज़िल्लत नहीं सवाल के बाद !

 

Kuch tarz-e-sitam bhi hai kuch andaz-e-wafa bhi,
Khulta nahi haal un ki tabiyat ka zara bhi.

कुछ तर्ज़-ए-सितम भी है कुछ अंदाज़-ए-वफ़ा भी,
खुलता नहीं हाल उन की तबीअत का ज़रा भी !

 

Kya hi rah rah ke tabiyat meri ghabraati hai,
Maut aati hai shab-e-hijr na nind aati hai.

क्या ही रह रह के तबीअत मेरी घबराती है,
मौत आती है शब-ए-हिज्र न नींद आती है !

 

Kya wo khawahish ki jise dil bhi samjhta ho haqir,
Aarzoo wo hai jo sine mein rahe naaz ke saath.

क्या वो ख़्वाहिश कि जिसे दिल भी समझता हो हक़ीर,
आरज़ू वो है जो सीने में रहे नाज़ के साथ !

 

Akbar Allahabadi Two Line Shayari In Hindi

Lagawat ki ada se un ka kahna paan hazir hai,
Qayamat hai sitam hai dil fida hai jaan hazir hai.

लगावट की अदा से उन का कहना पान हाज़िर है,
क़यामत है सितम है दिल फ़िदा है जान हाज़िर है !

 

Log kahte hain badalta hai zamana sab ko,
Mard wo hai jo zamane ko badal dete hai.

लोग कहते हैं बदलता है ज़माना सब को,
मर्द वो हैं जो ज़माने को बदल देते हैं !

 

Log kahte hain ki ba-naami se bachna chahiye,
Kah do be is ke jawani ka maza milta nahi.

लोग कहते हैं कि बद-नामी से बचना चाहिए,
कह दो बे इस के जवानी का मज़ा मिलता नहीं !

 

Maut aayi ishq mein to hamein nind aa gayi,
Nikali badan se jaan to kanta nikal gaya.

मौत आई इश्क़ में तो हमें नींद आ गई,
निकली बदन से जान तो काँटा निकल गया !

 

Mazhabi bahas main ne ki hi nahi,
Faaltu aqal mujh mein thi hi nahi.

मज़हबी बहस मैं ने की ही नहीं,
फ़ालतू अक़्ल मुझ में थी ही नहीं !

 

Mere hawas ishq mein kya kam hain muntshir,
Majanun ka naam ho gaya kismat ki baat hai.

मेरे हवास इश्क़ में क्या कम हैं मुंतशिर,
मजनूँ का नाम हो गया क़िस्मत की बात है !

 

Meri ye baicheniya aur un ka kahna naaz se,
Hans ke tum se bol to lete hain aur hum kya karien.

मेरी ये बेचैनियाँ और उन का कहना नाज़ से,
हँस के तुम से बोल तो लेते हैं और हम क्या करें !

 

Mohabbat Ka tum se asar kya kahun,
Nazar mil gayi dil dhadkne laga.

मोहब्बत का तुम से असर क्या कहूँ,
नज़र मिल गई दिल धड़कने लगा !

 

Publik mein zara haath mila lijiye mujh se,
Sahab mere imaan ki kimat hai to ye hai.

पब्लिक में ज़रा हाथ मिला लीजिए मुझ से,
साहब मेरे ईमान की क़ीमत है तो ये है !

 

Pucha “Akbar” hai aadmi kaisa,
Hans ke bole wo aadmi hi nahi.

पूछा “अकबर” है आदमी कैसा,
हँस के बोले वो आदमी ही नहीं !

 

Talluk aashiq o maashuk ka to lutf rakhta tha,
Maze ab wo kahan baaki rahe biwi miyan ho kar.

तअल्लुक़ आशिक़ ओ माशूक़ का तो लुत्फ़ रखता था,
मज़े अब वो कहाँ बाक़ी रहे बीवी मियाँ हो कर !

 

Akbar Allahabadi Shayari /Poetry /Ghazal

 

Meaning Of Urdu Words : –

Urdu

Hindi

English

जर्रा कण Particle
वस्ल
जोड़, मिलन, मिलान, प्रेमी और प्रेमिका का संयोग Meeting, Connection, Union
सहल
आसान Easy, Simple
हक़ीर
तुच्छ, कमीना, अत्यल्प, बहुत छोटा, बहुत थोड़ा Despicable, Contemptible, Mean
आरजू
तमन्ना ,इच्छा, ख़्वाहिश, मनोकामना, चाहत Desire, Wish, Longing
आशिक़
प्रेमी Lover
माशूक़
प्रेमिका Beloved
ग़म्ज़ा
शोख नज़र, कामुक नज़र Coquetry
तअल्लुक़
सम्बन्ध Relationship
अहबाब
मित्र, दोस्त, प्रिय जन Friends, Lovers, Dear Ones
मुखालिफ
दुशमन, विरोधी, शत्रु Opposite, An Opponent, Unfavorable, Enemy
कार-ए-नुमायाँ
विशिष्ट कार्य, उपलब्धि Prominent Action, Bold Action
शब-ए-वस्ल
मिलन की रात Night Of Union
अनवार-ए-इलाही
भगवान की रौशनी Radiance Of God

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